कभी कोई उसके कंधे पर सिर रखकर पूछे भी— “तू ठीक है?”
जैसे मुझसा बुरा दुनिया में कोई और नहीं।
ये दुनिया आँसू देखकर भी तमाशा ढूँढती है।
पर सुना है खुदा मरने से पहले मिलता नहीं।
यहां सीने से लगाकर, लोग दिल निकाल लेते है…!
अब ना भटकते हैं, ना रोते—बस बदल चुके हैं।
खाकर ठोकर ज़माने की, फिर लौट आए मैखाने में,
क्योंकि फूलो पर कभी इत्र नही लगाया जाता…!
ज़िंदगी के दरख़्त Sad Shayari in Hindi पर कुल्हाड़ी के वार हैं…!
पर वो तारा नहीं टूटता ,जिसे देखकर तुम्हें मांग लूँ
यहां लोग मोहब्बत के बहाने हसी छीन लेते हैं…!
कि अब किसी और पर भरोसा करना मुश्किल हुआ।
वो मुस्कुरा देती है ताकि कोई दर्द पहचान न पाए,
उन्होंने मुस्कुराकर कहा— “तुम बस दिल बहलाने के काम आते हो।”